बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि विरोध का अधिकार संविधान के तहत है, परंतु कुछ प्रदर्शन में आपराधिक गतिविधि के संकेत भी पाए जा सकते हैं। अदालत ने इस बिंदु पर चेतावनी जारी की।