साल 1899 और 1900 के दौरान पड़े छप्पनिया अकाल के समय भयंकर भुखमरी के हालात पैदा हो गए थे। इस अकाल में घास और चारे की भारी कमी की वजह से मवेशी लगातार मर रहे थे। भोजन न मिलने के कारण इंसान हड्डियों के ढांचे में बदल गए थे और लोगों को कुत्तों से खाना छीनकर पेट भरना पड़ा था।