प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि प्रौद्योगिकी को समावेशी और सतत विकास का साधन बनना चाहिए। उन्होंने भारत मोबाइल कांग्रेस (7‑10 अक्टूबर, नई दिल्ली) से पहले ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन के बोर्ड सदस्यों से बात की। मोदी ने प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण, किफायती डिजिटल सेवाओं और अल्पविकसित देशों में डिजिटल अवसंरचना के महत्व पर बल दिया।