जेएनएसयू में कम्युनिस्ट छात्र संगठनों के नेताओं का कांग्रेस में आना कोई नई बात नहीं है, लेकिन शेहला रशीद का रुख चौंकाने वाला था। ऐसे में नेहा बोरा का भविष्य में क्या रुख होगा, यह देखना महत्वपूर्ण है।