यूएन में भारत के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संवेदनशील हथियार तकनीक आतंकियों तक नहीं पहुंचती। उन्होंने परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर भी प्रकाश डाला, जिसमें कानूनी रूप से बाध्यकारी ढांचा और वित्तीय दायित्व शामिल हैं। भारत ने इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।