ईरान पर अरबों के हमले के बाद पारसी अपने धर्म को बचाने के लिए भारत के दीव पहुंचे थे। उनके भारत के साथ पहले से ही व्यापारिक और सामाजिक संबंध थे। इस ऐतिहासिक वादे की वजह से वे गुजराती भाषा भी बोलने लगे।
ईरान से आए पारसियों के लिए भारत की सुरक्षा एक वादा था
चित्रणसंपादकीय चित्रण; घटना की तस्वीर नहीं · NewsApp24